Skip to main content

पड़ोसी भाभी की चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में जयपुर के पास एक गाँव से हूँ। मुझे बहनों और चाचीओं में बहुत दिलचस्पी है। मैंने भाभी की चूत या किसी आंटी की चूत को चोदने का कोई मौका नहीं छोड़ा। आज मैं आपके सामने एक और सच्ची घटना लेकर आया हूँ। इससे पहले कि मैं कहानी को आगे बढ़ाऊं, मैं आपको अपने बारे में कुछ हल्की जानकारी देना चाहता हूं। मेरी उम्र 34 साल है और मेरा शरीर काफी फिट है। मैं रोजाना व्यायाम के लिए भी समय निकालता हूं। यह मेरी दिनचर्या का हिस्सा है। तो दोस्तों, यह दो साल पहले की बात है। उस समय मैं एक कंपनी के टेंडर के रूप में जयपुर गया था। मैं वहाँ किराये का कमरा लेकर रह रहा था। पास में एक खूबसूरत भाभी थी जो देखने में बहुत हॉट लगती थी। गर्म से मेरा मतलब यह नहीं है। हॉट एक महिला को अपना स्टाइल बनाता है, मेरा ऐसा मानना ​​है। वो भाभी भी मेरी तरह दिखने में थोड़ी मोटी थी। सूखी महिलाएं मुझे ज्यादा आकर्षित नहीं करती हैं। मैं थोड़ा स्वस्थ बहनों में ज्यादा दिलचस्पी रखता हूं। तो उस भाभी की उम्र करीब 37 साल थी। वह उससे कम दिखती थी। मुझे बाद में उम्र का पता चला, लेकिन मैं आपकी जानकारी के लिए यहां पहले ...

Pallvi Didi Ki Bujayi Pyas

मेरा नाम राहुल है उम्र 22 साल ओर मेरी स्वीट दीदी पल्लवी की उम्र 24 साल और फिगर 34-30-34 है. हमारे घरवाले जब मेरे मामा जी के यहाँ दस दिन के लिये शादी मैं गये थे इस कारण हम दोनो भाई बहन घर मैं अकेले ही थे. मैं ओर दीदी खूब इन्जॉय कर रहे थे. जब मेरा या दीदी का दिल करता तो हम एक दूसरे को बोल देते ओर हमारी चुदाई शुरू हो जाती ओर रात को तो हम नंगे ही एक दूसरे के साथ एक ही बेड पर होते.. chudai didi ki

ओर दीदी को चोदने के बाद मेरा लंड उनकी चूत मैं ही रहता ओर मेरा जब दिल करता मैं दुबारा झटके देना शुरू कर देता दीदी भी मुझे मना नही करती ओर मेरा पूरा साथ देती दीदी को मेरा लंड चूसने मैं बहुत मज़ा आता है ओर मुझे उनकी चूत का पानी चाटने मैं जब दीदी मेरा पूरा लंड अपने पिंक लिप्स से अपने मुँह मैं लेती तो इतना मज़ा आता की बस दीदी को मैं सिर से पकड़ लेता ओर लंड को बाहर निकालने का मेरा मन नहीं करता ओर दीदी भी यही चाहती थी की उसके भाई का लंड मुँह मैं ही रहे 6 दिन बीत चुके थे हमारी चुदाई को अगले दिन दीदी को अपनी पढाई के सिलसिले मैं 2 दिन के लिये जाना पड़ा.

अब मैं घर मैं अकेला रह गया था वो 2 दिन बिताने मेरे लिये बहुत मुश्किल थे.. chudai didi ki

लेकिन मैं दीदी को कॉल करके उनके बारे मैं पूछता रहता वो 2 दिन हम दोनो भाई बहन ने बहुत मुश्किल से काटे. जब दीदी आई तो मैने डोर ओपन किया ओर दीदी ने अंदर आते ही डोर को लॉक कर मुझे वही लिप पर किस करने लगी मेने दीदी से कहा की दीदी थोड़ा आराम तो कर लो आप तो आते ही स्टार्ट हो गये तो दीदी ने कहा राहुल तू नही जानता मेरा क्या हाल हुआ है 2 दिन ओर तू आराम के लिये बोल रहा है तो मैं भी दीदी के मुँह को पकड़ कर उनके लिप पर किस करने लगा दीदी तो जेसे पहले से ही गर्म थी.

मैं अपनी जीभ को दीदी के मुँह मैं डालता ओर दीदी फिर मेरे मुँह मैं अपनी जीभ घुमाती मैं साथ मैं दीदी के बूब्स भी मसल रहा था तो दीदी बोली राहुल मेरी शर्ट उतार कर मसल ओर मैंने लिप पर किस करते हुये दीदी के बटन खोले ओर शर्ट उतार दी दीदी की पिंक ब्रा के उपर से ही मैं उनके बूब्स की निपल को चूसने लगा दीदी मेरे सिर मैं हाथ फेरती रही दीदी की ब्रा मेरे मुँह के पानी से गीली हो गई थी लेकिन मैं एक बूब्स को हाथ से मसलता ओर दूसरे को चूसता फिर दूसरे को चूसता ओर पहले को मसलता दीदी की गीली ब्रा से उनकी निपल दिखाई देने लगी दीदी ने अपने पीछे हाथ डाल कर अपनी ब्रा का हुक खोल दिया ओर हाथो को सीधा कर अपनी ब्रा उतारने के लिये बोला मेने बड़े प्यार से दीदी की ब्रा पकड़ी ओर उतार दिया.

फिर अपनी दीदी को देखने लगा.. didi ki chudai kahani

तो दीदी बोली राहुल पहले नही देखा क्या जो आज इतने प्यार से देख रहा है चल जल्दी कर मेरा हाल तो देख क्या है तो मेने कहा दीदी आपके हाल का तो पता नही पर मुझसे पूछो मेने कैसे 2 दिन काटे आपके बगैर ओर फिर से मैं दीदी की निपल को चूसने लगा दीदी मेरे मुँह को अपने बूब्स पर दबाने लगी ओर मुझे ओर अंदर ले राहुल आअहह मेरे भाई जितना अंदर ले सकता है लो आअहह तेरी दीदी दो दिन से प्यासी है मेरे भाई दीदी का दूध पी अच्छे से आअहह ऊओ बोलने लगी दीदी की ऐसी तड़प को देख कर मैं भी जितना अंदर ले सकता लेता रहा दीदी के बूब्स लाल हो गये थे फिर दीदी मेरे कपड़े उतारने लगी ओर सिर्फ़ मुझे अंडरवेयर मैं कर दिया ओर नीचे बेठ कर मेरे लंड को बाहर निकाला ओर मज़े से किस करने ओर चाटने लगी.

दीदी सच मैं बहुत तड़प रही थी ओर मेरे लंड को चूसने लगी मैं बिल्कुल नंगा था ओर दीदी ने अभी पेंटी पहनी थी दीदी मेरे लंड को बड़ी जोर से चूस रही थी मेने दीदी से कहा की दीदी आराम से करो यही हूँ मैं ओर मेरे भाई ओर दीदी हँसने लगी ओर बोली राहुल तू चुपचाप खड़ा हो जा मुझे जो करना है में वो करती रहूंगी अगर ज्यादा बोला ना तो काट लूँगी मेने कहा दीदी पर आराम से करो ओर मैं दीदी के बालो मैं हाथ फेरता रहा दीदी को..

मैं जानता था वो पहले मेरा पानी पीना चाहती थी क्योकी बाद मैं जब मैं उनको चोदू तो टाइम ज्यादा लगे मेरे मुँह से आआहह दीदी प्लीज आअहह अब छोड़ दो इसे ओर मुझे आपको चोदना है प्लीज छोड़ो इसे आअहह ऐसे तो में जल्दी झड़ जाऊंगा दीदी प्लीज लेकिन दीदी कहा छोड़ने वाली थी बस चूसने मैं बिज़ी हो रही थी ओर अब मेने दीदी के सिर को पकड़ा ओर झटके मार कर खुद दीदी के मुँह को चोदने लगा.

मेरा लंड दीदी के गले तक पूरा जा रहा था.. sexy didi ki chudai

पर दीदी ने मुझे बिल्कुल भी पीछे नही किया ओर ऐस ही मेरे लंड को मुँह मैं लेती रही मेने झटको की स्पीड ओर तेज की ओर आआहह ऊओह दीदी आआ पल्लवी मेरी बहन आआआहह मैं झड़ रहा हूँ बस इतना ही बोला ओर दीदी के मुँह को लंड के पानी से भर दिया दीदी बड़ी बेसब्री से पानी को पी गई ओर जब तक मेरा लंड खड़ा रहा मुँह मैं लेकर चूसती रही ओर फिर जब मेरा लंड बेठ गया तो अच्छे से चाट कर साफ कर दिया ओर बोली कैसा लगा राहुल?

तो मेने कहा दीदी आप ऐसे चूसते हो तो मुझे कैसा क्या लगना मज़ा ही आयेगा पर दीदी अब थोड़ा इन्तजार करो इसे खड़ा होने दो फिर करता हूँ आपकी चुदाई तो दीदी खड़ी हुई ओर अपनी पेंट को उतारने लगी जब दीदी ने उतारी ओर उनकी रेड पेंटी मेने देखी तो एकदम गीली हुई थी पेंटी पर पानी लगा था मैं अपनी उंगली दीदी की गीली पेंटी के उपर से ही चूत मैं डालने लगा मेरी उंगली भी पूरी गीली हो गई थी.

तब मैं नीचे बेठा ओर दीदी की पेंटी को चाटने लगा..chudai didi ki

दीदी ओर खड़ी हुई और मेरे सिर मैं हाथ फेरने लगी मैं अपने मुँह से दीदी की पेंटी के उपर से ही चूत को चूसने लगा ओर पेंटी के साइड में से 2 उंगली डाल कर दीदी की चूत मैं डालने लगा दीदी आअहह अहह राहुल्ल्ल्ल ऊओह मेरे भाई क्या कर रहे हो करने लगी ओर मैं पेंटी के उपर से ही चूत को चूसता रहा ओर अपनी उंगलियो को जब दीदी की चूत से बाहर निकालता और चाट लेता ओर फिर से चूत मैं डाल देता ऐसा करते हुये 6 या 7 मिनिट हो गये थे मुझे ओर दीदी आआहह ऊऊओह हमम्म आअहह करते हुये मेरे बालो मैं हाथ फेरती रही फिर अब दीदी की पेंटी पर मेरे मुँह का पानी ही लगा था उनका लसेदार पानी तो मैं चाट गया था ओर फिर मेने दीदी की रेड पेंटी उतार दी ओर दीदी को ज़मीन पर दीवार के सहारे लेटा दिया ओर दीदी की टांगो को खोल कर चूत चाटने लगा.

अब मेरा लंड भी खड़ा होने लगा.. chudas didi ki chut chudai

दीदी की चूत मैं तो जेसे पानी भरा था लगातार दीदी की चूत पानी बहा रही थी ओर मैं उस पानी को चाट रहा था दीदी आअहह ऊऊहह भाई करते रहो ओर मैं जितनी अपनी जीभ को चूत मैं ले जाता दीदी ओर उतनी तेज आवाज़े निकालती दीदी ने अपनी टांगो को मेरी पीठ पर फोल्ड किया ओर मेरे मुँह को चूत पर टिकाये रखा मैं लगातार चूत को चाट रहा था दीदी भी हल्के हल्के झटको से मेरे मुँह पर अपनी चूत उठाने लगी ओर बोली की राहुल मैं झड़ने वाली हूँ आआआहह राहुल ओर मैं भी चूत से निकला पानी पीना चाहता था तो चाटता ही रहा दीदी मेरे सिर को पकड़ कर चूत पर दबाने लगी ओर मैं जीभ चूत के ओर अंदर करने लगा.

दीदी आआहह ओह राहुल हटना मत आआअहह मैं झड़ रही हूँ ओर मेरे मुँह पर चूत के झटके मारते हुये आआआहह ऊओह आअहह ऊओ राहुल पी जाओ आअहह ह्म्‍म्म्म करते हुये झड़ गई मेने अपनी जीभ निकाल ली ओर चूत को चाटता रहा दीदी हमम्म मेरे भाई अच्छे से चाट कर पी जा दीदी की चूत का पानी आहह करते हुये मुझसे चूत को साफ करवाने लगी..

पर चूत से पानी अब भी नही रुका, दीदी अब शांत हो गई थी. chudai didi ki

ओर मेरा लंड खड़ा हो चुका था. दीदी ने अपनी टांगो को खोला ओर ऐसे ही बेठ गई. फर्श पर भी दीदी की चूत का पानी लगा था. ओर टाँगे खोल कर बेठ गई अब मैं खड़ा हुआ ओर दीदी के मुँह के पास अपना लंड कर दिया दीदी थोड़ा आगे बड कर लंड को चूसने लगी 3 या 4 मिनिट तक लंड चुसवाने के बाद मेने दीदी को खड़ा किया ओर दीवार से दीदी को उल्टा खड़ा कर दिया ओर दीदी के साथ चिपक गया मेरा लंड दीदी के गांड के होल से लगने लगा.

दीदी ने कुछ नही कहा बिल्कुल सीधा खड़े रहे मैं दीदी के बालो को हटा कर गर्दन पर किस कर रहा था ओर एक हाथ से अपने लंड को दीदी के गांड के होल के उपर ही रग़ड रहा था दीदी बोली की राहुल तेरे इरादे ठीक नही हैं आज तो मेने कहा की क्या हुआ दीदी तो बोली अपने लंड को यहा से हटा तुझे पहले भी बोला है की ये गिफ्ट मैं तुझे तेरे बर्थ-डे पर दूँगी मेने कहा दीदी आप भी ना मैं तो उपर ही रग़ड रहा हूँ अंदर थोड़े ना डाल रहा हूँ आप चुप रहो प्लीज ओर फिर से स्टार्ट हो गया मैं दीदी की पीठ पर हाथ फेरता ओर किस करता रहा दीदी फिर से गर्म हो चुकी थी दीदी की पीठ को सहलाने मैं मुझे बहुत मज़ा आ रहा था जब मैं दीदी के बालो को साइड मैं करके अपनी जीभ दीदी की पीठ पर उपर से नीचे फेरता तो दीदी मचल उठती ओर फिर मैं दीदी को पास ही बनी एक खिड़की के पास ले गया ओर उन्हें दीवार के कॉर्नर को पकड़ कर घोड़ी बनने को बोला दीदी भी आराम से घोड़ी बन गई.

मैं नीचे बेठा ओर पीछे से दीदी की चूत मैं जीभ फेरने लगा.. chudai didi ki

दीदी आआहह राहुल्ल्ल्ल बस कर मेरे भाई अब अपने लंड को दीदी की चूत मैं डालो ये बहुत तड़प रही है प्लीज सीधा खड़ा हो ज़ा ओर एक झटके मैं लंड को चूत की गहराई मैं उतार दे ओर मैं सीधा खड़ा हुआ ओर लंड के टॉप को दीदी की चूत पर उपर से नीचे ओर नीचे से उपर करने लगा मेरे ऐसा करने से दीदी की चूत का वो ही हिस्सा खुलता जहा से लंड का टॉप गुज़रता दीदी हमम्म्म करते हुये बोली अब खेलता रहेगा बहन की चूत से या अंदर भी डालेगा.

एक बार अच्छे से चोद दे मुझे फिर बाद मैं जेसे मर्ज़ी हो करते रहना प्लीज अब डाल दीदी कुछ ज्यादा ही तड़प रही थी ओर मेने भी एक जोरदार धक्का मारा ओर लंड को चूत की गहराई मैं उतार दिया दीदी आअहह उूउउइ ऊओ करते हुये आगे को हुई जिससे लंड थोड़ा बाहर निकल गया मेने दीदी को जाँघो से पकड़ा ओर अपनी तरफ खींचा मेरा लंड फिर से दीदी की चूत मैं समा गया ओर मैं झटके मारने लगा दीदी की चूत थोड़ी टाइट लग रही थी क्योकि दो दिन से दीदी की चुदाई जो नही हुई थी दीदी आआहह ऊऊहह राहुल मी फुक चोद अपनी बहन की चूत को आअहह मेरे भाई अच्छी तरह से चोद अपनी दीदी को में ज़ोर से झटके मार रहा था आआहह राहुल आअहह मारो मुझे राहुल मारो अपनी दीदी की चूत आआहह करते रहो मैं भी पूरी तेज़ी से दीदी की चूत की चुदाई कर रहा था दीदी के बूब्स पूरी जोरो से हिल रहे थे.

Antarvasna2 ऑफिस की लड़की को टूर मे चोदा

मेने एक हाथ से दीदी के बूब्स पकड़ लिये ओर मसलने लगा.. chudai didi ki

जब मेरा लंड दीदी की चूत मैं उतरता तो रूम मैं ताप ताप की आवाज़ आती ओर दीदी के मुँह से तो आअहह ऊऊहह की आवाज़े आ ही रही थी दीदी ओर मैं पूरी मधहोशी मैं चुदाई कर रहा था तभी मेरा ध्यान दीदी के गांड के होल पर गया मेने दीदी से बिना कुछ कहे एक उंगली दीदी के गांड के होल मैं डाल दी दीदी ज़ोर से चिल्लाई ओर आआहह उूउउइईईई ऊऊहह राहुल उंगली निकाल वहा से प्लीज आअहह निकाल्ल्ल दर्द हो रहा है मेरे भाई प्लीज ओर मेने उंगली निकाल दी दीदी की गांड सच मैं बहुत टाइट है ये सोच कर मेने भी दोबारा गांड की तरफ ध्यान नही दिया ओर चूत मारता रहा.

मैं अब झड़ने के करीब था ओर मैने अपनी स्पीड ओर बड़ा दी कुछ दीदी की आवाज़े मुझे ओर उत्तेजित कर रही थी ओर मेने दीदी से कहा की मैं झड़ने वाला हूँ दीदी आअहह दीदी जल्दी बोलो कहा निकालु तो दीदी बोली राहुल मेरी चूत 2 दिन से प्यासी है तेरे पानी की एक भी बूँद मेरी चूत से बाहर ना निकले भर दे मेरी चूत को अपने पानी से आआअहह राहुल्ल मेरे भाई ऊओह प्लीज मिटा दे अपनी दीदी की चूत की प्यास आअहह राहुल ओर दीदी की ये अवाजे सुनते हुये मैं भी आआहह ऊओह दीदी मैं झड़ रहा हूँ आआअहह ऊऊहह दीदीईईईई आअहह पल्लवी मेरी प्यारी बहन आअहह करता हुआ दीदी की चूत मैं झड़ गया दीदी आआहह ऊऊहह राहुल भर दिया तूने अपनी बहन की चूत को आआअहह मेरे भाईईईई करते हुये मेरे पानी की गर्मी से झड़ गई.

मैं फिर भी दीदी की चूत मैं झटके मारता रहा.. chudai didi ki

जब मेरा लंड छोटा होने लगा तो दीदी की चूत का ओर मेरा पानी दीदी की टांगो से होता हुआ नीचे बहने लगा फिर मेने अपना लंड दीदी की चूत से बाहर निकाला ओर दीदी को सीधा करके उनके लिप पर किस करने लगा दीदी ने भी मुझे किस की ओर आइ लव यू भाई बोल कर बाथरूम मैं नंगी ही जाने लगी दीदी के बूब्स एकदम लाल हो गये थे ओर चूत गीली थी मैं भी दीदी के पीछे बाथरूम मैं गया ओर साथ में ही बाथ लिया फिर मैं दीदी को उठा कर बेड पर ले आया तब दीदी ओर मेने अपने दूसरे कपड़े पहने ओर आराम करने लगे तो दोस्तों ये थी मेरी स्टोरी …

Comments

Popular posts from this blog

Baap Beti Sex Story – बाप बेटी की चुदाई कहानियाँ Sex Stories Antarvasna

मधु मेरी क्लास मे ही पढती थी। वोह किसी लडके से बात नही करती थी।ईस वजह से उसका कोई बाॅयफ्रेंड नही था।वोह अपनी सहेलियों के साथ काॅलेज चली आती थी। वोह और उसकी सहेली कुछ महीने सरकारी बसेस से ही काॅलेज आया करती थी।मधु का स्टाॅप मेरे स्टाॅप के कुछ मिल दुरी पर ही था।मै उसको बस मे चढते उतरते देखता सकता था।वोह बहोत खुबसूरत दिखती थी।और काॅलेज कि यूनिफार्म मे तो वोह किसी हसीना से कम नही लगती थी।वोह बढिया टाईट ईनरविअर पहनती थी।जिसकी वजह से उसके बुब्झ बडे उभरे उभरे ओर रसीले दिखते थे।उसके मासीव बुब्झ पर किसीकी नजर न जाये ऐसा हो ही नही सकता था।उसकी नाक भी बडी उंची किस्म कि थी।जिससे वोह देखने वालो कि और नजर मे आती थी।अगर मधु को कोई पिछे से देख लेता तो उसके पसीने छुठ ज्याते ईतनी कमसीन ओर होश उडाने वाले मदहोश बट उसने कमायें थे।एक दिन बस मे बडी भीड थी मुझे बैठने को जगह नहीं मिली इसलिए मै बस मे खडे खडे ट्राव्हल कर रहा था।मुझे बडी झिझक हो रही थी।ऐसै लटके लटके ट्रॅवल मैनै पहले कभी नहीं किया था।कुछ देर बाद मधु का स्टाॅप आया।मैने उसे खिडकी से चढते हुअ देखा।फिर वोह दरवाजे से होकर बस मे चढ गई। वोह ब...

मेरी चूत स्टोरी बॉयफ्रेंड से सील तोड़ चुदाई की

मेरी चूत स्टोरी में पढ़े कि मेरी चूत की पहली बार चुदाई कैसे हुई. मेरा पहला बॉयफ्रेंड मुझे अपने दोस्त के कमरे में ले गया. लेकिन वो साला फिसड्डी निकला तो मैंने नया यार बना लिया. हैलो फ्रेंडज़, मेरा नाम नीलम है. मैं मध्यप्रदेश की रहने वाली हूँ. मैं एक बहुत सेक्सी लड़की हूँ और मेरा साइज 28-30-32 है. यह चूत स्टोरी उन दिनों की है, जब मैं बीएससी फर्स्ट ईयर में थी. मैं एक लड़के को बहुत चाहती थी, वो लड़का भी मुझे पसंद करता था. एक दिन बात है, जब मैं कॉलेज जा रही थी. तब मैं बस स्टॉप पर खड़ी अपनी बस का इंतजार कर रही थी. तभी मेरा ब्वॉयफ्रेंड बाइक से आया और उसने मुझे साथ चलने को कहा. मैं भी बड़ी खुशी से उसके साथ बाइक पर बैठकर कॉलेज के लिए निकल पड़ी. उसने बाइक को लम्बे वाले रास्ते से ले जाने का कहा. मैं उसके साथ मस्ती से चिपकी बैठी थी. मैंने भी उससे कह दिया कि जानी जब तू मेरे साथ है, तो क्या डर है, तू जिधर भी ले चल मैं तेरे साथ राजी हूँ. वो हंस दिया और वोला- सोच ले मेरी जान … मैं तुझे जंगल के रास्ते से ले जाने वाला हूँ. मैंने उसकी छाती से चिपकते हुए कहा- हां ले चल … मुझे कोई चिंता नहीं है. उस समय तक हमने कभी...

दीदी ने सबको बचाया ठंड में मरने से

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम हैप्पी है और मैं पंजाब का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 23 साल है और मैं 6 फुट लंबा हूँ। इस कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मेरी और मेरे साथ 2 और लड़कों की जान दीदी ने कैसे बचाई। ये कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है और थोड़ी अटपटी है, पता नहीं आप लोगों को मज़ा आएगा या नहीं, पर मैं आपको मनोरंजित करने की पूरी कोशिश करूंगा। मेरी दीदी का नाम स्मृति है और वो 25 साल की है। उसकी लंबाई 5’4″ है। उसका फिगर 34-30-34 है। रंग गोरा है और देखने में बहुत सुंदर है। उसके पीछे हमेशा ही बहुत लड़के पड़े रहते थे और वो भी बहुत खुले मिज़ाज की लड़की थी। पहले से ही उसके कई प्रेमी रह चुके हैं तो जाहिर सी बात है कि कईयों से वो चुदवा भी चुकी है। वो अक्सर घर से बाहर ही रहती थी। वो बहुत ही आधुनिक किस्म की लड़की है। घर में भी उसे ज्यादा रोका-टोका नहीं जाता था। वो अपने समय पर घर आती और अपने समय पर चली जाती। मैं भी ऐसा ही था। पर हम दोनों एक दूसरे से सारी बातें साझा करते थे। तो एक बार हमने सोचा कि आजतक हम दोनों भाई बहन साथ में कहीं घूमने नहीं गए हैं। तो हमने हिमाचल जाने का प्लान बनाया। मम्मी-पापा ने भी हाम...